जो लड़कियां गुम थीं वह एनजीओ के शेल्टर होम में मिली

गुरुग्राम में लड़कियों को अवैध हिरासत में रखने और​ बिना मंजूरी के उन्हें गोद देने सहित कई गंभीर आरोपों के चलते एक एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस एनजीओ के एक शेल्टर होम में ऐसी नाबालिग लड़कियां भी मिली है जिन्हें रिकॉर्ड में लापता बताया है। दूसरे शेल्टर होम में भी कई कमियां मिली है।  

इस एनजीओ के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों और सीजेएम सुरुचि अतरेजा सिंह के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस एनजीओ के मानव तस्करी में भी लिप्त होने की आशंका जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुरुग्राम के सेक्टर चार में उज्ज्वल निकेतन के नाम से चल रहे शेल्टर होम को कुछ महीने पहले बंद करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद भी इसके बाद भी यह संचालित होने की सूचना पर हाल में यहां जांच की गई थी। इस दौरान सामने आया कि उज्जवला निकेतन होम को बंद करने के आदेश के बाद संचालित किया जा रहा था। 

जांच में सामने आया कि जिन नाबालिग लड़कियों को गुम बताया गया था, वे वहां मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि बड़ी आयु वर्ग लड़कियों को घुमाने के लिए गोवा तथा दिल्ली ले जाया जाता था। संचालिका लिली बच्चों के नाम अपनी मर्जी से बदल देती थी। इन बच्चियों को अनजान लोगों को यह कहकर सौंपा जाता था कि वे उनके माता—पिता है, हालांकि यहां किसी तरह के शारीरिक शोषण की बात अभी तक सामने नहीं आई है।

हयातपुर स्थित उज्जवल निकेतन होम में भी जांच के दौरान गंभीर खामियां पाई गई है। यहां रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया है। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि जिनका नाम पिता की जगह लिखा है, उन्होंने उन्हें कभी देखा तक नहीं। नियम के मुताबिक संचालक या संचालिका नाम केयरऑफ में ही लिखा जा सकता है। टीम को बच्चों के आधार कार्ड पर भी नियमों के विपरित नामांकन मिले। सेक्टर-10 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने फर्जी तरीके से जितना भी रेकॉर्ड तैयार किया गया था, उसे भी जब्त कर लिया।
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